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Showing posts from March, 2018

हलाला-बहुविवाह को गैरकानूनी घोषित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में 3 पिटीशन पर सुनवाई आज

नई दिल्ली.   सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मुस्लिम बहुविवाह और निकाह हलाला के खिलाफ दायर की गईं याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इनमें इन प्रक्रियाओं को गैरकानून घोषित करने की मांग की गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट तलाक-ए-बिद्दत यानी एक बार में तीन तलाक देने को गैरकानूनी घोषित कर चुका है।  1) भाजपा नेता और 2 मुस्लिम महिलाओं ने लगाईं याचिकाएं - भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय। - दिल्ली की नफीसा खान।  - दिल्ली की समीना बेगम।  2) नफीसा की क्या है मांग? - आईपीसी की धाराएं सभी नागरिकों पर बराबरी से लागू होने चाहिए। ट्रिपल तलाक आईपीसी की धारा 498A के तहत क्रूरता है। निकाह  हलाला धारा 375 के तहत बलात्कार है। बहुविवाह आईपीसी की धारा 494 के तहत अपराध है। लिहाजा अदालत उन्हें खारिज करे।  संविधान के मुताबिक जब दो नियमों में विरोधाभास हो तो पर्सनल एक्ट पर सार्वजनिक कानून ही लागू होता है। समीना की दो बार शादी, दो बार तलाक हुआ - दक्षिणी दिल्ली की रहने वाली समीना बेगम ने पिटीशन में कहा कि 1999 में जावेद अनवर से उनकी शादी हुई थी। दो बेटे हुए। पति ने उन पर खूब जुल्म ...

गाजियाबाद के इतिहास में पहली बार रात 10 बजे तक खुली कोर्ट

Ghaziabad  Updated 00:56 सोमवार, 26 मार्च 2018 गाजियाबाद के इतिहास में पहली बार रात 10 बजे तक खुली कोर्टगाजियाबाद। जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोर्ट रात 10 बजे तक खुली हो। रविवार को भारत के इतिहास में पहली बार किसी ड्यूटी रिमांड मजिस्ट्रेट ने एक दिन में 200 से अधिक अभियुक्तों की पेशी पर सुनवाई की। इनमें से कुछ को जमानत मिली, तो कुछ को जेल भेज दिया गया।एसीजेएम-4 की न्यायाधीश नूरी अंसार की ड्यूटी रिमांड मजिस्ट्रेट के तौर पर लगी थी। वह जब कोर्ट में पहुंचीं, तो वहां अपराधियों की भीड़ लगी हुई थी। दरअसल शनिवार को गाजियाबाद पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर जिले में ‘ऑपरेशन दस्तक’ चलाया, जिसके तहत 182 अपराधियों को गिरफ्तार किया। रविवार सुबह पुलिस ने इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। इसके अलावा रविवार शाम तक अलग-अलग मामलों में करीब 20 और आरोपियों को पेश किया गया। ऐसे में इनकी संख्या 200 से अधिक हो गई। इस कारण रिमांड मजिस्ट्रेट को सभी आरोपियों की पेशी की सुनवाई के लिए रात करीब 10 बजे तक कोर्ट में बैठना पड़ा।वर्जनगाजियाबाद के इतिहास में पहली बार कोर्ट रात 10 बजे तक खुली और भ...

FIR है आपका अधिकार, याद रखिए 9k का फार्मूला

याद रखिये FIR लिखने का 9k फार्मूला हम सभी को कभी न कभी FIR लिखाना ही पड़ जाता है चाहे खुद के लिये या किसी जानने वाले के लिये। अक्सर लोगो की शिकायत होती है कि उनकी FIR थाने में नहीं लिखी गई, या फिर मजिस्ट्रेट के यहाँ FIR के लिये किया गया आवेदन निरस्त हो गया। इसके तो कई कारण होते है किंतु एक कारण ये भी होता है की आपके लिखने तरीका गलत हो। FIR को कम से कम शब्दों में स्पष्ट और पूरे मामले को लिखना चाहिये क्योंकि न्यायालय में आपका केस इसी आधार पर चलता है । आसान भाषा में FIR को लिखने का तरीका बता रहा हूँ क्योंकि कई बार पढ़े लिखे लोग भी FIR लिखने में गलती कर देते है। सबसे पहले आप एक सादा पेपर ले और उसपर 1 से 9 तक नंबर लिख ले, फिर उन सब के सामने K लिख ले, बस हो गया आपका FIR । 9K का मतलब होता है आप नीचे पढ़ेंगे तो स्वतः स्पष्ट हो जायेगा। (1) कब (तारीख और समय)- FIR में आप घटना के समय और तारीख की जानकारी लिखे । (2) कहा (जगह)- घटना कहाँ पे हुई इसकी जानकारी दे। (3) किसने - अपराध किस ब्यक्ति ने किया ( ज्ञात या अज्ञात) एक या अनेक ब्यक्ति उसका नाम पता आदि लिखे । (4) किसको - किस के साथ अपराध क...