गाजियाबाद के इतिहास में पहली बार रात 10 बजे तक खुली कोर्ट

Ghaziabad 

गाजियाबाद के इतिहास में पहली बार रात 10 बजे तक खुली कोर्टगाजियाबाद। जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोर्ट रात 10 बजे तक खुली हो। रविवार को भारत के इतिहास में पहली बार किसी ड्यूटी रिमांड मजिस्ट्रेट ने एक दिन में 200 से अधिक अभियुक्तों की पेशी पर सुनवाई की। इनमें से कुछ को जमानत मिली, तो कुछ को जेल भेज दिया गया।एसीजेएम-4 की न्यायाधीश नूरी अंसार की ड्यूटी रिमांड मजिस्ट्रेट के तौर पर लगी थी। वह जब कोर्ट में पहुंचीं, तो वहां अपराधियों की भीड़ लगी हुई थी। दरअसल शनिवार को गाजियाबाद पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर जिले में ‘ऑपरेशन दस्तक’ चलाया, जिसके तहत 182 अपराधियों को गिरफ्तार किया। रविवार सुबह पुलिस ने इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। इसके अलावा रविवार शाम तक अलग-अलग मामलों में करीब 20 और आरोपियों को पेश किया गया। ऐसे में इनकी संख्या 200 से अधिक हो गई। इस कारण रिमांड मजिस्ट्रेट को सभी आरोपियों की पेशी की सुनवाई के लिए रात करीब 10 बजे तक कोर्ट में बैठना पड़ा।वर्जनगाजियाबाद के इतिहास में पहली बार कोर्ट रात 10 बजे तक खुली और भारत के इतिहास में रिमांड मजिस्ट्रेट ने 200 से अधिक आरोपियों की पहली बार सुनवाई की है। इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन बधाई के पात्र हैं। 
प्रदीप पाण्डेय ( एडवोकेट)
मोबाइल: 9971505611

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